कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद अधीर रंजन चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब देश के अलग-अलग हिस्सों से सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इस मुलाकात को मौजूदा राजनीतिक माहौल में काफी अहम माना जा रहा है।
बैठक के दौरान अधीर रंजन चौधरी ने केंद्र सरकार के समक्ष कई संवेदनशील विषयों को उठाया और इन पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।

बंगाली भाषी प्रवासियों पर हो रहे कथित हमले बने प्रमुख मुद्दा
अधीर रंजन चौधरी ने प्रधानमंत्री के सामने देश के विभिन्न राज्यों में बंगाली भाषी प्रवासी मजदूरों के साथ हो रहे कथित भेदभाव और हिंसा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि केवल भाषा के आधार पर लोगों को अवैध प्रवासी या घुसपैठिया समझ लेना बेहद चिंताजनक है।
उनका आरोप है कि कई जगहों पर प्रशासनिक स्तर पर गलत पहचान के चलते निर्दोष नागरिकों को परेशान किया जा रहा है, जिससे उनमें डर और असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।
घटनाओं के उदाहरण देकर जताई चिंता
बैठक के दौरान अधीर रंजन चौधरी ने कुछ हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कई मामलों में मजदूरों और आम नागरिकों को केवल उनकी भाषा या पहचान के कारण निशाना बनाया गया।
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि देश की सामाजिक एकता और भाईचारे को भी नुकसान पहुंचाती हैं।
संवैधानिक अधिकारों की दिलाई याद
अधीर रंजन चौधरी ने प्रधानमंत्री को याद दिलाया कि भारतीय संविधान हर नागरिक को देश के किसी भी हिस्से में रहने और काम करने का अधिकार देता है। भाषा, संस्कृति या क्षेत्र के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव संविधान की भावना के खिलाफ है।
उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि सभी राज्यों को इस विषय में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी नागरिक के साथ अन्याय न हो।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधीर रंजन चौधरी द्वारा उठाए गए मुद्दों को ध्यानपूर्वक सुना और उन पर विचार करने का आश्वासन दिया। हालांकि, बैठक के बाद सरकार की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
राजनीतिक दृष्टि से क्यों अहम है यह मुलाकात
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब कई राज्यों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। ऐसे में इस मुलाकात को केवल सामाजिक मुद्दों तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में और ज्यादा चर्चा का विषय बन सकता है।
निष्कर्ष
अधीर रंजन चौधरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई यह मुलाकात कई मायनों में महत्वपूर्ण है। यह न सिर्फ प्रवासी नागरिकों की सुरक्षा और अधिकारों से जुड़ा विषय है, बल्कि देश में सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने से भी जुड़ा हुआ है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि केंद्र सरकार इस दिशा में आगे क्या कदम उठाती है।
