
बॉलीवुड और भारतीय सिनेमा (Indian Cinema) की चमक-दमक देखकर अक्सर लोग सोचते हैं कि यहाँ आने वाले सितारे हमेशा से ही अमीर रहे होंगे। लेकिन हकीकत यह है कि कई ऐसे हीरो-हीरोइन हैं जिन्होंने अपनी जिंदगी बेहद गरीबी और संघर्ष से शुरू की थी।
जब भी कोई पूछता है कि Bharat ke garib top ten hero heroine कौन हैं? या फिर जानना चाहता है कि भारत के सबसे गरीब हीरो-हीरोइन कौन थे, तो इन सितारों की कहानियाँ सामने आती हैं।
इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे Bharat ke garib top ten hero heroine की असली संघर्ष यात्रा – कैसे उन्होंने तंगी, भूख और कठिनाइयों को पार करके बॉलीवुड और साउथ सिनेमा में अपनी पहचान बनाई।
टॉप 10 सबसे गरीब और संघर्षशील भारतीय हीरो-हीरोइन
1. राजकुमार राव (Rajkummar Rao)

राजकुमार राव का नाम उन सितारों में शामिल है जिन्होंने गरीबी और कठिनाइयों से लड़कर बॉलीवुड में अपनी जगह बनाई। हरियाणा के गुरुग्राम (Gurugram, Haryana) में जन्मे राजकुमार का परिवार बेहद साधारण था। पैसों की तंगी इतनी थी कि थिएटर और पढ़ाई का खर्च भी मुश्किल से निकलता था।
राजकुमार ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और FTII (Film and Television Institute of India) पुणे से एक्टिंग सीखी। मुंबई आने के बाद उन्होंने लंबे संघर्ष किए, छोटे-छोटे रोल निभाए और कई बार रिजेक्शन झेला।
लेकिन उनकी मेहनत रंग लाई। शाहिद, न्यूटन, बरेली की बर्फी जैसी फिल्मों से उन्हें पहचान मिली और वे नेशनल अवॉर्ड विनर बने। आज राजकुमार राव प्रेरणा का नाम हैं कि गरीबी आपकी मंज़िल नहीं रोक सकती।
2. नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui)

नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी का नाम भी उन सितारों में आता है जिनकी जिंदगी की शुरुआत बेहद कठिन थी। उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जिले के गाँव बुधाना (Budhana, UP) में जन्मे नवाज़ का परिवार खेती-किसानी से गुज़ारा करता था और घर की हालत बेहद खराब थी।
दिल्ली आने के बाद उन्होंने चौकीदार और केमिस्ट की नौकरी भी की, लेकिन एक्टिंग का सपना नहीं छोड़ा। NSD (National School of Drama) से पढ़ाई करने के बाद वे मुंबई आए। शुरू में उन्हें सारफरोश, शूल और मुन्ना भाई MBBS जैसी फिल्मों में छोटे रोल मिले, लेकिन असली पहचान मिली गैंग्स ऑफ वासेपुर से।
आज नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं बल्कि इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में भी पहचान बना चुके हैं। वे इस बात का सबूत हैं कि सबसे गरीब हीरो भी मेहनत से सुपरस्टार बन सकता है।
3. अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan)

अमिताभ बच्चन को आज लोग “शहंशाह (Shahenshah)” कहते हैं, लेकिन उनका शुरुआती दौर इतना आसान नहीं था। इलाहाबाद (Prayagraj, UP) में जन्मे अमिताभ का परिवार मध्यमवर्गीय था। पिता हरिवंश राय बच्चन एक कवि थे और परिवार की आमदनी बहुत सीमित थी।
मुंबई आने के बाद शुरुआती दिनों में उन्हें फिल्मों में रोल पाने के लिए भारी संघर्ष करना पड़ा। उनकी आवाज़ को भी कई बार रिजेक्ट किया गया। शुरुआती फिल्में फ्लॉप हुईं और वे आर्थिक संकट में घिर गए।
हालात इतने खराब हो गए कि उन्हें 1980 के दशक में कर्ज़ चुकाने के लिए घर और संपत्ति बेचनी पड़ी। उस वक्त कहा जाता है कि उनके पास बैंक लोन तक चुकाने के पैसे नहीं थे।
लेकिन जंजीर, दीवार और शोले जैसी फिल्मों ने उनकी किस्मत बदल दी। आज अमिताभ बच्चन भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में गिने जाते हैं।
4. रजनीकांत (Rajinikanth)

सुपरस्टार रजनीकांत की कहानी सबसे प्रेरणादायक मानी जाती है। असली नाम शिवाजी राव गायकवाड़ (Shivaji Rao Gaikwad) है। उनका जन्म बेंगलुरु (Bengaluru, Karnataka) में एक गरीब मराठी परिवार में हुआ था। पिता पुलिस कांस्टेबल थे और परिवार बेहद तंगहाली में जीता था।
रजनीकांत ने पेट पालने के लिए कई छोटे-मोटे काम किए – जैसे कूलie का काम, बस कंडक्टर की नौकरी और वर्कशॉप में हेल्पर। बस कंडक्टर की नौकरी करते हुए उनकी स्टाइल और संवाद बोलने का अंदाज़ मशहूर हो गया।
बाद में उन्होंने Madras Film Institute से ट्रेनिंग ली और तमिल फिल्मों में कदम रखा। उनकी मेहनत और अद्वितीय स्टाइल ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया।
आज रजनीकांत सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में थलाइवा (Thalaiva) कहे जाते हैं और उनकी हर फिल्म करोड़ों कमाती है। लेकिन उनके संघर्ष के दिन उन्हें हमेशा याद रहते हैं।
5. मीना कुमारी (Meena Kumari)

मीना कुमारी को हिंदी सिनेमा की “ट्रेजडी क्वीन (Tragedy Queen)” कहा जाता है। उनका असली नाम महजबीं बानो (Mahjabeen Bano) था। जन्म 1933 में मुंबई के एक गरीब परिवार में हुआ। उनके पिता अली बख्श पारसी थिएटर में छोटे-मोटे काम करते थे और घर की हालत बेहद खराब थी।
गरीबी इतनी थी कि मीना कुमारी को बचपन में ही फिल्मों में काम करना पड़ा ताकि परिवार का खर्च चल सके। 4 साल की उम्र में उन्होंने चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में काम करना शुरू कर दिया और जल्दी ही फिल्मों की दुनिया में पहचान बना ली।
लेकिन उनकी निजी जिंदगी हमेशा संघर्ष और दर्द से भरी रही। भले ही उन्होंने पाकीज़ा, साहिब बीबी और ग़ुलाम, बैजू बावरा जैसी क्लासिक फिल्में दीं, मगर उनके जीवन में आर्थिक और भावनात्मक कठिनाइयाँ बनी रहीं।
मीना कुमारी इस बात का उदाहरण हैं कि bharat ke garib top ten hero heroine सिर्फ गरीबी से नहीं बल्कि निजी संघर्षों से भी लड़ते हैं।
6. स्मिता पाटिल (Smita Patil)

स्मिता पाटिल को पैरेलल सिनेमा (Parallel Cinema) की सबसे बड़ी नायिकाओं में गिना जाता है। उनका जन्म 1955 में पुणे (Maharashtra) में हुआ। उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था, और स्मिता को पढ़ाई और करियर बनाने के लिए कई संघर्षों का सामना करना पड़ा।
स्मिता ने शुरुआत दूरदर्शन (Doordarshan) में न्यूजरीडर के रूप में की और धीरे-धीरे फिल्मों की ओर रुख किया। उन्हें बड़े बजट की कमर्शियल फिल्मों से ज़्यादा आर्ट फिल्मों और सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्मों में काम करने का शौक था।
भूमिका, मिर्च मसाला, आक्रोश, चक्र जैसी फिल्मों ने उन्हें गंभीर और संवेदनशील अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया।
गरीबी और संघर्ष से निकली स्मिता पाटिल ने साबित किया कि असली कलाकार पैसों से नहीं बल्कि अपने अभिनय से पहचाना जाता है।
7. कंगना रनौत (Kangana Ranaut)

कंगना रनौत का जन्म हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के छोटे से गाँव भांबला में हुआ। उनका परिवार एक साधारण मध्यवर्गीय परिवार था। पिता किसान थे और माँ स्कूल टीचर। आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि कंगना को बड़े सपने देखने की छूट मिल सके।
कंगना ने पढ़ाई छोड़कर दिल्ली का रुख किया और फिर मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा। लेकिन वहाँ भी उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। पैसों की कमी के कारण वे कई बार भूखी भी रही।
मुंबई आने के बाद शुरुआती संघर्ष बेहद कठिन थे। फिल्मों में जगह पाना आसान नहीं था, मगर उनकी मेहनत रंग लाई। गैंगस्टर (2006) उनकी पहली हिट फिल्म बनी। इसके बाद फैशन, तनु वेड्स मनु, क्वीन और मणिकर्णिका जैसी फिल्मों ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया।
आज कंगना रनौत National Award Winner हैं और भारत की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उनकी कहानी इस बात का सबूत है कि bharat ke garib top ten hero heroine में शामिल होना सिर्फ संघर्ष से ही संभव है।
8. प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra)

प्रियंका चोपड़ा आज ग्लोबल स्टार (Global Star) के नाम से जानी जाती हैं, लेकिन उनका सफर आसान नहीं था। उनका जन्म जमशेदपुर (Jharkhand) में हुआ। उनके पिता एक डॉक्टर थे, मगर परिवार की आय सीमित थी और बचपन का एक बड़ा हिस्सा आर्थिक संघर्ष में बीता।
प्रियंका जब 18 साल की थीं तब मिस इंडिया और फिर मिस वर्ल्ड का खिताब जीतकर चर्चा में आईं। लेकिन बॉलीवुड में शुरुआत आसान नहीं रही। उन्होंने कई फ्लॉप फिल्में देखीं और खुद को साबित करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी।
फैशन फिल्म ने उन्हें पहचान दिलाई और नेशनल अवॉर्ड भी दिलाया। इसके बाद उन्होंने डॉन, बाजीराव मस्तानी, मैरी कॉम जैसी फिल्मों से बॉलीवुड में मजबूत जगह बनाई।
आज प्रियंका चोपड़ा न सिर्फ बॉलीवुड बल्कि हॉलीवुड (Hollywood) में भी अपनी जगह बना चुकी हैं। लेकिन वे खुद कह चुकी हैं कि शुरुआती दिनों में मुंबई में किराए के मकान तक का खर्च उठाना कठिन था।
9. धर्मेंद्र (Dharmendra)

धर्मेंद्र को हिंदी सिनेमा का ही-मैन (He-Man of Bollywood) कहा जाता है। लेकिन उनकी जिंदगी की शुरुआत बहुत ही साधारण और गरीब परिवार से हुई थी। उनका जन्म 1935 में पंजाब (Punjab) के संगरूर जिले के एक छोटे से गाँव में हुआ। पिता स्कूल टीचर थे और परिवार की आमदनी बेहद सीमित थी।
धर्मेंद्र बचपन से ही फिल्मों के शौकीन थे, लेकिन पैसों की कमी के कारण वे पढ़ाई छोड़कर परिवार का सहारा बने। उनका फिल्मी सफर तब शुरू हुआ जब उन्होंने Filmfare Talent Hunt जीता और मुंबई आए।
मुंबई आने के बाद शुरुआती संघर्ष बेहद कठिन था। कई दिनों तक स्टूडियो के बाहर इंतज़ार करना, छोटे-छोटे रोल के लिए दौड़ लगाना, ये सब उनकी जिंदगी का हिस्सा रहा।
धीरे-धीरे फिल्मों में जगह मिलने लगी और फूल और पत्थर, शोले, चुपके चुपके जैसी फिल्मों ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया।
धर्मेंद्र की कहानी बताती है कि bharat ke garib top ten hero heroine में शामिल होना उनके लिए कितना कठिन लेकिन प्रेरणादायक सफर था।
10. माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit

माधुरी दीक्षित को लोग आज धक-धक गर्ल (Dhak Dhak Girl) के नाम से जानते हैं। लेकिन उनका सफर भी गरीबी और संघर्ष से भरा हुआ था। उनका जन्म 1967 में मुंबई (Maharashtra) के एक मध्यमवर्गीय मराठी परिवार में हुआ। पिता की आमदनी सीमित थी और घर की स्थिति साधारण थी।
बचपन से ही माधुरी को डांस (Kathak Dance) का शौक था। परिवार ने सपोर्ट किया, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण कई बार पढ़ाई और डांस क्लास दोनों को मैनेज करना मुश्किल हो जाता था।
फिल्मों में शुरुआत आसान नहीं रही। उनकी शुरुआती कुछ फिल्में फ्लॉप हो गईं और कहा जाता है कि इंडस्ट्री में लोग उन्हें नोटिस भी नहीं करते थे। लेकिन तेजाब फिल्म का गाना “एक दो तीन” उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट बना।
इसके बाद दिल, हम आपके हैं कौन, साजन, देवदास जैसी फिल्मों ने उन्हें बॉलीवुड की सबसे बड़ी अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया।
माधुरी दीक्षित इस बात का उदाहरण हैं कि bharat ke garib top ten hero heroine में शामिल होकर भी मेहनत और लगन से सफलता पाई जा सकती है।
भारत में कई ऐसे कलाकार रहे हैं जिन्होंने बेहद गरीबी और संघर्ष के दौर से उठकर नाम और पहचान बनाई। चाहे वो राजकुमार राव (Rajkummar Rao) हों, नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui), अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan), या रजनीकांत (Rajinikanth) – इन सभी ने साबित किया कि मेहनत और जुनून से किसी भी मुश्किल को हराया जा सकता है।
इसी तरह मीना कुमारी (Meena Kumari), स्मिता पाटिल (Smita Patil), कंगना रनौत (Kangana Ranaut), प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra), धर्मेंद्र (Dharmendra) और माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit) ने भी साधारण परिवार से उठकर बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई।
इनकी कहानियाँ आज भी प्रेरणा देती हैं कि अगर हिम्मत और मेहनत हो तो गरीबी कभी भी इंसान के सपनों को रोक नहीं सकती।
👉 यही वजह है कि इन्हें सही मायनों में कहा जा सकता है – Bharat ke Garib Top Ten Hero Heroine।
FAQ Section
1. भारत में सबसे गरीब अभिनेता (Garib Actor) कौन हैं?
भारत में कई अभिनेताओं ने गरीबी से शुरुआत की, लेकिन नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी और राजकुमार राव को सबसे संघर्षशील गरीब अभिनेताओं में गिना जाता है।
2. भारत की सबसे गरीब अभिनेत्री (Garib Heroine) कौन थीं?
मीना कुमारी और स्मिता पाटिल ऐसी अदाकाराएँ थीं जिन्होंने गरीबी और निजी संघर्ष के बीच फिल्मों में अपनी जगह बनाई।
3. भारत के सबसे अमीर अभिनेता (Ameer Actor) कौन हैं?
आज भारत के सबसे अमीर अभिनेता शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) माने जाते हैं, जिनकी नेटवर्थ अरबों में है।
4. क्या दलित परिवार से भी कोई अभिनेता/अभिनेत्री बड़े स्टार बने हैं?
हाँ, कई कलाकार दलित और गरीब पृष्ठभूमि से आए हैं। नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी और राजकुमार राव जैसे कलाकारों की जड़ें ग्रामीण और निम्न आय वर्ग से रही हैं।
